
लाल बहादुर शास्त्री ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे : सुमन श्रीवास्तव
बीआरएन बक्सर। कायस्थ परिवार के जिला कार्यालय में कायस्थ परिवार के प्रदेश संयोजक एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुमन कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 54वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुमन कुमार श्रीवास्तव ने शास्त्री जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे। उन्होंने काशी विद्यापीठ से ‘शास्त्री’ की उपाधि प्राप्त की थी, जिसके कारण उन्हें शास्त्री कहा जाने लगा। शास्त्री जी ने देश को “जय जवान, जय किसान” का अमर नारा दिया, जो आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के नेतृत्व में हरित क्रांति और श्वेत क्रांति की नींव रखी गई, जिससे देश कृषि और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना। 9 जून 1964 को उन्होंने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया और अपने अल्प कार्यकाल में ही राष्ट्र को नई दिशा दी। उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया। सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद शास्त्री जी का रहस्यमय निधन हो गया, लेकिन उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों के मार्गदर्शक बने हुए हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश सिन्हा, वैदेही श्रीवास्तव, सत्यम श्रीवास्तव, गुरु लाल, सुरेंद्र यादव, अजय कुमार तिवारी, विकास श्रीवास्तव, आकाश श्रीवास्तव, पीयूष सिन्हा, राकेश यादव, सुरेश वर्मा, शेषनाथ सिंह सहित कई समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
















