
धम्मविजय महोत्सव के पांचवे दिन मना सम्राट दशरथ मौर्य सम्मान दिवस…
बीआरएन बक्सर । धम्मविजय महोत्सव के पांचवे दिन अखंड भारत के पांचवे सम्राट दशरथ मौर्य का सम्मान और उपासना किया गया। अध्यक्ष युवा सम्राट ऋतुराज मौर्य ने कहा की दशरथ मौर्य सम्राट अशोक महान के पौत्र थे। उन्होंने आजीवक संप्रदाय के अनुयायियों को नागार्जुन गुफा प्रदान की थी। इन पहाड़ियों की गुहाओं पर उत्कीर्ण अभिलेखों को पढ़ने से ज्ञात होता हैं कि अपने दादा सम्राट अशोक की भाँति दशरथ भी बौद्ध अनुयायी होने के कारण देवताओं का प्रिय अर्थात देवानाम्प्रिय नामक नाम से जाने जाते थे।
उक्त मौके पर बतौर अतिथि पूर्व चेयरमैन मीना सिंह ने कहा की अशोक मौर्य सबके है, उन्होंने सभी धर्मो को संरक्षण दिया। हमलोगों को उनसे सीखने की जरूरत है। आज के भारत को वापस स्वर्ण युग में ले जाने के लिए हमे सम्राट अशोक महान की नीतियों पर चलना होगा। नागार्जुनी पहाड़ी पर 3 गुफाएँ हैं इन गुफाओं का निर्माण अशोक के पौत्र दशरथ मौर्य ने आजीविकों के लिए करवाया – वहियक गुफा, गोपिका गुफा, वडथिका गुफा, इन तीनों गुफाओं को दशरथ ने आजीवकों को दान दिया था। “लोमश ऋषि गुफा” का निर्माण दशरथ ने करवाया था । लोमेश ऋषि गुफा का प्रवेश द्वारा उत्कीर्ण शिल्प से अलंकृत है। कुशवाहा महासंघ के उपाध्यक्ष डॉ मन्नू जी ने सम्राट अशोक महान और तथागत बुद्ध पर गीत गाकर सबका मन मोह लिया। धम्मविजय महोत्सव के अंतर्गत 8 अक्टूबर को सम्राट संप्रीति मौर्य का सम्मान दिवस शाम 4 बजे विराट नगर में मनाया जायेगा। इस उपासना कार्यक्रम में सम्राट सुनील, ज्योति प्रकाश, राज सिंह, डॉ मन्नू जी, निर्मल सिंह, ऋषिकेश मौर्य, अखिलेश ठाकुर, अधिवक्ता विनोद कुमार, राजू पासवान, कुश मौर्य, अजीत सिंह, आदि उपस्थित रहे।













