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भाजपा गांधी के नाम से घबराती है, मनरेगा को खत्म करने पर आमादा है मोदी सरकार :- डॉ. मनोज पांडेय  

बीआरएन बक्सर।   जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों एवं गांवों में मनरेगा महासंग्राम व संगम कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सिमरी प्रखंड के सिंघनपुर, काज़ीपुर, खरहाटाड एवं सिमरी सहित विभिन्न गांवों में कांग्रेस का काफिला पहुंचा और जनसभाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने बड़े संकल्प और साहस के साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की शुरुआत की थी। यह योजना विश्व स्तर पर सराही गई और कई देशों ने इसे अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बड़े उद्योगपतियों के हित में इस जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर दिया है। कांग्रेस और आम जनता इसका पुरजोर विरोध कर रही है, जो आने वाले दिनों में जनआंदोलन का रूप लेगा। डॉ. पांडेय ने कहा कि भाजपा को महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा से आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधीजी के विचारों को मिटाने की कोशिश की जा रही है ताकि लोकतंत्र कमजोर हो और सत्ता कुछ चुनिंदा लोगों के हित में केंद्रित रहे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और विशेषकर बिहार का युवा वर्ग हतोत्साहित है और अब कांग्रेस की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। मोदी सरकार के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए डॉ. पांडेय ने कहा कि काला धन वापस लाने, हर खाते में 15 लाख रुपये देने, हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने, गैस सिलेंडर 300 रुपये में देने और पेट्रोल-डीजल सस्ता करने जैसे वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता के साथ विश्वासघात किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा विश्वासघात अंग्रेजी शासन में भी देखने को नहीं मिला। बिहार प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त बक्सर जिला पर्यवेक्षक मृणाल अनामय ने कहा कि मनरेगा के तहत गरीबों को जो संवैधानिक गारंटी कांग्रेस ने दी थी, उसे मौजूदा सरकार ने लगभग समाप्त कर दिया है। 100 दिनों के रोजगार की गारंटी अब मनमाने तरीके से दी जा रही है और मजदूरों को ठेकेदारों पर निर्भर कर दिया गया है, जिससे बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता भोला ओझा, निरंजन ओझा, विनय शंकर ओझा, रंजन ओझा, दिवाकर सेठ, अजय ओझा, सिमरी प्रखंड अध्यक्ष दीनबंधु शाह, कमलेश त्रिपाठी, दयानंद सिंह सहित बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, युवा एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने कांग्रेस की मांगों को जायज बताते हुए मनरेगा महासंग्राम आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया।

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