स्व0 दिलीप जी के सपनों का हेरिटेज विद्यालय बनाने में शिक्षण स्तर को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम बनाने को है कृत संकल्पित – डाॅ प्रदीप पाठक
हेरिटेज स्कूल के संस्थापक स्व0 दिलीप कुमार पाठक की द्वितीय पुण्यतिथि सह सम्मान समारोह मे शामिल हुए गणमान्य

बीआरएन व्यूरो, बक्सर।
श्री ईश्वरमुनि एजुकेशनल सोसायटी एंड वेलफेयर ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी के मुख्य न्यासी स्व0 दिलीप कुमार पाठक की द्वितीय पुण्यतिथि सह सम्मान समारोह, हेरिटेज स्कूल, अर्जुनपुर के प्रांगण में आयोजित किया गया। इस आयोजन में गणमान्य अतिथियों के रूप में सदर विधायक शसंजय कुमार तिवारी उर्फ़ मुन्ना तिवारी, एस० डी० एम० धीरेन्द्र कुमार मिश्रा, समाजसेवी मिथिलेश पाठक, व्यवसायी दीपक पांडेय, नेशनल लाइफ कोच श्रीमती वर्षा पांडेय, अधिवक्ता राहुल आनंद उपाध्याय, डॉ० निवास चतुर्वेदी, रेडक्रॉस सोसाइटी के महासचिव श्रवण तिवारी, कवि श्री भगवान पांडेय ‘निराश’, भाजयुमों के अमित पांडेय एवं अभिनन्दन की उपस्थिति रही।

विद्यालय प्रबंधन ने समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रियेश कुमार और बजरंगी मिश्रा को रक्तवीर सम्मान, जीवनदात्री सम्मान के रूप में श्रीमती वर्षा पांडेय, स्नेक मैन के नाम से मशहूर हरिओम चौबे को प्रेरक पशु प्रहरी सम्मान एवं रोटी बैंक समूह को अन्नदाता सम्मान से नवाजा गया। इसी समारोह में दिलीप पाठक मेमोरियल स्पोर्ट्स मीट “प्रतिस्पर्धा 2023” के विविध खेलों के विजेता व् उपविजेताओं को पदक और ट्रॉफी आगत अतिथियों के हांथो देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ औपचारिक रूप से स्व० दिलीप पाठक के प्रतिमा पर माल्यार्पण व् पुष्प अर्पण के पश्चात पौधा रोपण एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसका संचालन विद्यालय के निदेशक डॉ० प्रदीप पाठक एवं उपप्राचार्य पुष्पेंदु कुमार मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय के निदेशक डॉ0 प्रदीप पाठक ने उपस्थित जनसमूह क समक्ष स्व0 दिलीप कुमार पाठक जी के जीवनमृत की एक झांकी मौखिक रूप से पेश करते हुए उपस्थित जनसमूह को यह विश्वास दिलाया कि स्व0 दिलीप कुमार पाठक जी के सपनों का हेरिटेज विद्यालय बनाने में वो अपना सर्वस्व न्योछावर कर देंगे तथा भविष्य में हेरिटेज विद्यालय के शिक्षण स्तर को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम बनाने को कृत संकल्पित हैं। कार्यक्रम के क्रम में स्व0 पाठक से जुड़े उनके मित्रों, अनुजों एवं समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने अपने संस्मरण साझा करते हुए स्व0 पाठक को एक अजातशत्रु एवं स्वप्नद्रष्टा कहते हुए उनके प्रति अपनी सादर आदरांजली पेश किया।












