लिट्टी चोखा मेला 20 नवम्बर से 24 नवम्बर तक… दीवाल पेटिंग कर महता दर्शाने का डीएम ने दिया निर्देश..
बीआरएन बक्सर। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में पंचकोशी परिक्रमा से संबंधित समीक्षा बैठक समाहरणालय परिसर अवस्थित कार्यालय कक्ष में की गई।उपस्थित सभी सदस्यों को अवगत कराया गया कि 20 नवम्बर से 24 नवम्बर तक अहिरौली, नदाँव, भभुअर, बडका नुआँव एवं चरित्रवन में पंचकोशी परिक्रमा मेला का आयोजन किया जायेगा।बैठक में उपस्थित पंचकोशी परिक्रमा के सदस्यों के द्वारा पंचकोशी मेले के विकास हेतु अपने-अपने सुझाव को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा गया। जिसके आलोक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को मेले के विकास हेतु आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिया।पंचकोशी के सदस्यों के द्वारा भभुअर स्थित सरोवर पर असामाजिक तत्वों के द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने हेतु अनुरोध किया गया। इस संबंध में अंचलाधिकारी बक्सर को उक्त स्थल का जाँच करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया।जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बक्सर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी बक्सर को पंचकोशी मेला से संबंधित पाँचो स्थलों पर श्रद्धालुओं के मूलभूत सुविधाओं यथा पर्याप्त साफ-सफाई, पीने हेतु पेयजल, बिजली, शौचालय इत्यादि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
साथ ही संबंधित पदाधिकारी को आयोजन स्थल पर पथों की मरम्मती कराने हेतु निर्देश दिया गया।कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बक्सर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी बक्सर को पंचकोशी परिक्रमा से संबंधित स्थलों पर पंचकोशी मेले की महता को प्रदर्शित करने हेतु दीवाल पेटिंग कराने एवं संबंधित स्थलों पर प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार बनाने सहित सभी आवश्यक तैयारियों के संबंध में एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर अद्यतन प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन बक्सर को पाँचों स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जीवन रक्षक दवाएँ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी को पंचकोशी मेला हेतु विधि व्यवस्था संधारण हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।बैठक में सिविल सर्जन , अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र मिश्रा, प्रभारी पदाधिकारी सामान्य शाखा , प्रभारी पदाधिकारी विकास शाखा, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी , पंचकोशी परिक्रमा समिति के सचिव सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।















