
पैक्स की समस्याओं को लेकर मंत्री से मिले जिलाध्यक्ष …
धान खरीदी में बिचौलियों की भूमिका से कराया अवगत
धान अधिप्राप्ति के लिए सिस्टम को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग की
राजीव कुमार पाण्डेय (भभुआ)। सरकार किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लिए चाहे कितने भी दावे कर ले लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं कानूनी पेंच की वजह से जिले के आधे से अधिक किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच पाने में सफल नही हो पाते और उपज को मजबूरी में बिचौलियों को कम कीमत पर बेच देते हैं।इस वर्ष पैक्स द्वारा कम धान खरीद के लिए अरवा – उसना के पेंच व लक्ष्य को मुख्य वजह माना गया।इन सभी समस्याओं को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा सह भाजपा किसान प्रकोष्ठ कैमूर के जिलाध्यक्ष विमलेश पाण्डेय ने राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार से मुलाकात की तथा पैक्स द्वारा कम खरीदारी की वजहों को गिनाया।उन्होंने मंत्री से मांग किया की पैक्स के द्वारा धान एवं गेहूं की अधिप्राप्ति की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।खरीदी के लक्ष्य को बढ़ाते हुए खरीदी में बिचौलियों को दूर रख कर ससमय खरीदारी के लिए पैक्सों को स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए ताकि किसानों को अपने खेत खलिहान में रखे फसलों की ज्यादा दिनों तक रखवाली नहीं करना पड़े।समय से पैसा पाकर किसान अपनी आगे की खेती का कार्य कर सकें।इस दौरान सवार के पैक्स अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।उन्होंने मंत्री को बताया कि जिले में अधिकतर पैक्स अध्यक्ष के पास स्वयं का अपना मिल नही है। धान की खरीदी वक्त वैसे क्रय समितियों को जिले में संचालित पांच उसना राइस मिल से टैग कर दिया गया था। टैग किए गए मिलरों द्वारा कई तरह का पेंच लगाकर समय से धान लेने में आनाकानी की गई जिसके वजह से अधिकतर किसान मजबूरी में अपनी उपज को आढ़तियों को बेचने पर विवश हो गए।उन्होंने व्यापक पैमाने पर खरीदारी के लिए जिले में एक मंडी खोले जाने की मांग रखी।












