आईएमए ने पूर्णिया सांसद के टिप्पणी की भर्त्सना की
सांसद की टिप्पणी अवांछित, दुर्भावनापूर्ण एवं अपमानजनक:- राज्य सचिव
सांसद ने एक्स पर लिखा डॉक्टरों ने हड़ताल कर 12 लोगों को जान से मार डाला! इस नरसंहार का ज़िम्मेदार कौन?
राजीव कुमार पाण्डेय (भभुआ)। कोलकाता में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से बलात्कार और फिर उसकी हत्या किए जाने के मामले में देशभर के डॉक्टरों संग अन्य लोगों में गुस्सा व्याप्त है। चिकित्सकों का गुस्सा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। देशभर के डॉक्टर शनिवार को हड़ताल पर चले गए। बिहार में शनिवार को करीब दो लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी की सेवा नहीं मिल सकी। वहीं आईएमए के इस देशव्यापी हड़ताल और चिकित्सकों के द्वारा घटना के विरोध में उठाए जा रहे कदम पर अब पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया सामने आयी है और उन्होंने डॉक्टरों के रवैये पर ही सवाल खड़े किए हैं।डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से पूर्णिया संसदीय सीट से निर्दलीय जीते पप्पू यादव बिफरे हुए हैं। पूर्णिया सांसद ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने एक्स पर इस मुद्दे से जुड़े कई सवाल खड़े किए। सांसद ने पूछा कि ‘डॉक्टरों ने हड़ताल कर 12 लोगों को जान से मार डाला! इस नरसंहार का ज़िम्मेदार कौन?’ इसके साथ ही पप्पू यादव ने कुछ और सवाल उठाए और पूछा कि ‘ अगर कोलकाता वाले गैंगरेप में डॉक्टर ही शामिल पाए गए तो सारे डॉक्टर उस रेप की ज़िम्मेदारी लेंगे! जहां भी डॉक्टर बलात्कारी होता है, वहां यही डॉक्टर समाज को सांप क्यों सूंघ जाता है?सांसद के इस टिप्पणी की आईएमए राज्य शाखा ने भर्त्सना की है। आईएमए ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि इस घृणित कार्य का देश भर के चिकित्सकों और लोगों द्वारा विरोध कर दोषियों को फांसी देने की मांग की जा रही है इसी बीच सांसद की टिप्पणी देशभर के चिकित्सकों के आंदोलन के ऊपर एक अवांछित, दुर्भावनापूर्ण, एवं अपमानजनक टिप्पणी है। इस मामले की जानकारी देते हुए आईएमए के राज्य सचिव डॉ.संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में भी माननीय सांसद चिकित्सकों के प्रति ऐसा करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार में कई चिकित्सक हैं। हमारा निवेदन है कि अपने घर के चिकित्सकों का भी उनके इस टिप्पणी पर वे विचार को प्रकट करें।ये जनप्रतिनिधि हैं उनका चिकित्सकों के प्रति विरोध सर्व विदित है । अच्छा होता कि वह ऐसा बयान देने से पहले एक आईना सामने रख लेते। उन्होंने बताया कि हम निरंतर जनता की सेवा करते रहेंगे लेकिन अपने प्रोफेशन पर होने वाले सभी हमले का विरोध दृढ़ता से करेंगे। चिकित्सा समाज की रक्षा करना देश के हर नागरिक का कर्तव्य है ।उनकी टिप्पणी एवं आईएमए का प्रेस विज्ञप्ति को लोकसभा के अध्यक्ष के पास उचित कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है।















