
लेट्स इंस्पायर बिहार समाज में समरसता और विकास का मार्ग प्रशस्त करने का है प्रयास— विकास वैभव
बापू सभागार भरा रहा ठसाठस ….जय बिहार के गगनभेदी नारें से गूंजता रहा वातावरण …
बीआरएन पटना/ बक्सर । “अकेला ही चला था लोग आते गए और कारवां बनता गया।” यह उक्ति बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को चरितार्थ करती है। चार साल पहले जिस बिहार को बदलने के संकल्प के साथ विकास वैभव ने लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान का बीजारोपण किया था अब वह बिशाल वृक्ष का रूप धारण कर लिया है। इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला गांधी मैदान पटना के बापू सभागार मे आयोजित चतुर्थ संकल्प सभा मे। बिहार के हर कस्बे , हर गांव एवम हर गवई से बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न जिलों से आए लोगों से बापू सभागार ठसाठस भरा रहा ।
लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान का उद्देश्य 2047 तक है बिहार को बदलना – विकास वैभव
चतुर्थ संकल्प सभा के दौरान आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान जाति, संप्रदाय और लिंगभेद से ऊपर उठकर समाज में समरसता और विकास का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास है। बिहार के युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रेरित कर 2047 तक विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार करना इस अभियान का लक्ष्य है। बिहार के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए बाहर नही जाना पडे । लेट्स इंस्पायर बिहार समाज में समरसता और विकास का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास है । उक्त कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवम शंखनाद से हुई। इस अवसर पर आगत अतिथियों का सम्मान पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, गदा और तलवार से किया गया।
लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के नेतृत्वकर्ता वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने अपने संबोधन मे कहा कि बिहार में 2028 तक हर जिले में पांच सफल स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कम से कम सौ लोगों को रोजगार मिलेगा। नालंदा एवम विक्रमशिला विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए उन्होने आगे कहा कि बिहार ज्ञान का केंद्र था । इसके अतीतकालीन गौरव को फिर से प्राप्त करने की आवश्यकता है। वह युवाओं से जाति और संप्रदाय की दीवारों को तोड़कर एक समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने का अपील किये। इस दरम्यान उन्होने कहा कि मेरे पिताजी ने सरकारी नौकरी करने से मना किया था। लेकिन मै देश सेवा करने के जज्बे के साथ आईपीएस अधिकारी के रूप मे ज्वाइन किया। एकबार स्थिति ऐसी हो गई थी कि मेरा चार महीने का वेतन रोक दिया गया था और घर भी लोन पर था। फिर भी मेरे पिताजी ने मेरा साथ दिया और न घबराने की सलाह दी। उन्होने मुझसे बिना रूके बढ़ते रहने को कहा । अपने पिता की बातों को मानते हुए मै आगे बढ़ता रहा और आज इस मुकाम पर पहुंच गया कि लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान से केवल बिहार ही नही अपितु देशभर से लोग जुड गये।
बक्सर जिले से सैकडों युवाओं एवम महिलाओं ने लिया भाग
बक्सर जिले से लेट्स इंस्पायर बिहार के चतुर्थ संकल्प सभा मे समन्वयक अजय मिश्रा, उदय प्रताप, राजेश चौबे , विनय कुमार मिश्रा , अरविंद पांडेय, सुमित मिश्रा , रविकांत पाठक , अनमोल कुमार ,उत्सव सिंह, दर्शन बाबू , अभिषेक मिश्र ,सूरज चौधरी ,रंजन यादव, सोनू राय, अनुराग पाण्डेय ,टिशू कुमार, उपकार राय ,सुनीता सिंह ,अमृता मिश्रा , नंदनी सिंह ,मोहम्मद खालिद राजा, प्रियंका पाण्डेय, दिव्या श्रीवास्तव , ललन पाण्डेय अन्तता प्रियदर्शी ,प्रिय तिवारी,आराध्य सिंह, समीक्षा श्रीवास्तव ,अर्चना कुमारी ,रानी कुमारी ,आकाश कुमार स, श्वेता कुमारी ,अनुष्का कुमारी ,आरती कुमारी ,आदित्य राज ,अंजली सिंह ,रोशन राय सहित सैकडों युवाओं एवम महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान उत्साहित युवा ‘जय भोजपुरी, जय बिहार’ के गगनभेदी नारे देते रहे। अजय मिश्रा ने बताया कि सड़क मार्ग से चार गाडियों मे लोग जिले से वहां पहुंचे थे। वहीं उदय प्रताप एवम विनय मिश्रा ने कहा कि सैकडों युवा ट्रेन से कार्यक्रम मे भाग लेने पटना सुबह नौ बजे तक पहुंच गये थे। दंत चिकित्सक अरविंद पांडेय ने बताया कि डुमरांव अनुमंडल से काफी लोग लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के चौथे वर्षगांठ के मौके पर पहुंचे थे।















