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प्रशांत किशोर का ऐलान – रामगढ़ उप-चुनाव लड़ेगा जन सुराज

 

जमीन सर्वे के मुद्दे पर नीतीश सरकार को घेरा

 

बोले बिना तैयारी के सरकार करा रही सर्वे,बनेगा परिवारिवारिक जमीनी विवाद का कारण

राजीव कुमार पाण्डेय (भभुआ)। जन सुराज के रणनीतिकार प्रशांत किशोर बुधवार को एकदिवसीय दौरे पर कैमूर पहुँचे। भभुआ स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। प्रेस वार्ता में उन्होंने नीतीश और तेजस्वी दोनों पर तीखा प्रहार किया। प्रशांत किशोर ने बिहार में चल रहे जमीन के सर्वे पर बोलते हुए कहा कि जिस तरह से इसको लागू किया जा रहा है उससे अगले 6 महीने में हर घर, हर गांव- पंचायत में जमीन के मालिकाना हक के लिए झगड़े होगें। इस सर्वेक्षण को बिना किसी तरह की तैयारी और संसाधन की व्यवस्था किए शुरू किया गया है। यह ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कुछ दिन पहले बिहार में जमीन रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन किया गया। जो की बिना किसी तैयारी के बाहरी एजेंसी के द्वारा करा दिया गया। जिसमें यह तय हुआ कि जो ज्यादा डिजिटाइजेशन करेगा, उसे उतना ही ज्यादा पैसा मिलेगा। इसी के चलते हड़बड़ी में किसी की ज़मीन किसी के भाई के नाम और भाई की जमीन भतीजे के नाम पर कर दी गयी। जिससे गाँवो के स्तर पर कोहराम मच गया। इसलिए फिर से हड़बड़ी में बिना किसी तैयारी के जमीन सर्वे लाया गया जो की आने वाले समय में जमीन से संबंधित झगड़ों का सबसे बड़ा कारण बनेगा।

 

प्रेस वार्ता में पीके ने बिहार के गरीबी के बताए कारक

प्रशांत किशोर ने बताया कि 2 वर्षों से पदयात्रा करने के बाद उन्हें अनुभव हुआ है कि बिहार के बिछड़ने का कारण बेरोजगारी और पलायन, 30 वर्षों में राज्य के शिक्षा व्यवस्था का ध्वस्त होना और किसानों की बदहाली है। बिहार के लोग मजदूरी उचित शिक्षा के लिए अन्य राज्यों का पलायन कर रहे हैं। यह केवल गरीब परिवार की ही समस्या नहीं है बल्कि मध्यम वर्गीय परिवार की भी समस्या है। उन्होंने पलायन के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि बिहार से बुद्धि और पूंजी का भी पलायन हो रहा है। जो बाहर जा रहा है वह वही का होकर रह जा रहा है। जिस पर कहीं कोई चर्चा नहीं करता। उन्होंने बताया कि 30 वर्षों में 26 लाख करोड रुपए बैंकों द्वारा दूसरे राज्य में भेज दिया गया।

समाज और सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा है ही नहीं 

 

पीके ने नीतिश सरकार के शासनकाल को शिक्षा के क्षेत्र का काला अध्याय बताते हुए कहा कि खराब सड़के कई वर्षों बाद भी बनाई जा सकती हैं लेकिन बच्चों का भविष्य बिगड़ जाएगा तो वह नहीं बन पाएगा। सरकार शिक्षा के अलावे शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य कर रही है।शिक्षक पढ़ाने की बजाय शराबबंदी ,जनगणना, स्वच्छता मिशन, वोटर कार्ड जैसे अनेक कार्यों में व्यस्त हैं। जनता भी कुछ कम नहीं है। मेरे बच्चा को पोशाक की राशि मिली कि नहीं, साइकिल की राशि क्यों नहीं मिली, आज मेरा बच्चा को खिचड़ी नही मिला, इसका पता लगाने और एचएम से झगड़ा करने के लिए विद्यालय जाएंगे लेकिन विद्यालय में शिक्षक नही हैं पढ़ाई हो रही है कि नही इसके लिए प्रयास नही करेंगे।

रामगढ़ उप-चुनाव में जनसुराज के कैंडिडेट के लिए खुद रणनीति बनायेंगे पीके 

प्रशांत किशोर ने बताया की आगामी रामगढ़ उपचुनाव में जन सुराज का उम्मीदवार उतरेगा और निश्चित तौर पर जीतेगा भी। कैमूर की ज्यादातर सीटों पर अब तक कुछ ही परिवार के लोग चुनाव लड़ते है और जीतते हैं। अबकी बार चुनाव में प्रशांत किशोर खुद आकर जन सुराज के उम्मीदवार के लिए रणनीति बनाएँगे और उसको जीताकर विधानसभा भेजेंगे। अब रामगढ़ की जनता किसी नेता के बेटे के लिए नहीं बल्कि अपने बच्चो के लिए वोट करेंगे।

रामगढ़ और हाटा में जनसभा को किया संबोधित

 

प्रेस वार्ता के बाद प्रशांत किशोर ने रामगढ़ नगर पंचायत के गोड़सरा पोखरा और चैनपुर हाटा नगर पंचायत में जन सभा को संबोधित किया। उसके बाद भभुआ नगर परिषद की जनता से सर्किट हाउस में मिलकर उनकी समस्याओं से रूबरू हुए। रात्रि में प्रशांत किशोर भभुआ के ही शारदा पैलेस होटल में कैमूर के बुद्धिजीवियों और प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठक कर समस्याओं पर विचार विमर्श किए और लोगों से जनसुराज की बेहतरी के लिए फीडबैक भी लिए।

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