
“कानून सबके लिए समान हो” — संविधान दिवस पर डॉ. मनोज पांडे का केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार


बीआरएन बक्सर। संविधान, समानता और न्याय की भावना के प्रतीक दिवस पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि आज जब पूरा देश संविधान की मूल भावना को याद कर रहा है, उसी दिन केंद्र की अहंकारी सरकार देश के नागरिकों—विशेषकर छात्रों और फॉरवर्ड क्लास समाज—के अधिकारों पर लगातार प्रहार कर रही है।
डॉ. पांडे ने आरोप लगाया कि एक ओर यूजीसी के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था पर अंधा और तानाशाही कानून थोपा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नए दंडात्मक प्रावधानों (आईसी कानून) के जरिए ऐसी कानूनी संरचना बनाई गई है, जिसमें कानून की नजर में सभी नागरिक समान नहीं रह गए हैं।उन्होंने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई फॉरवर्ड क्लास का व्यक्ति पिछड़ी जाति पर टिप्पणी करता है तो उसे तुरंत अपराधी मान लिया जाता है, लेकिन यदि पिछड़ी जाति का कोई व्यक्ति ब्राह्मण, ठाकुर, भूमिहार या अन्य फॉरवर्ड क्लास समाज पर झूठा या अपमानजनक आरोप लगाता है, तो उसके लिए सरकार ने कोई स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान तय नहीं किया है। उन्होंने इसे दोहरा कानून बताते हुए कहा कि यह न्याय और संविधान दोनों के खिलाफ है।डॉ. मनोज पांडे ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से फॉरवर्ड क्लास समाज के छात्र, युवा और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। झूठे आरोपों का डर, सामाजिक बदनामी और कानूनी उत्पीड़न उनके जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है, जबकि सरकार इस पर आंख मूंदे बैठी है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर समाज को जातियों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। शिक्षा के क्षेत्र में यूजीसी के नियमों और कानून व्यवस्था में आईसी जैसे प्रावधानों के जरिए फॉरवर्ड क्लास की आवाज दबाने तथा उनके संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने की साजिश रची जा रही है।डॉ. पांडे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय की पक्षधर है, लेकिन अन्याय के नाम पर किसी एक वर्ग को कुचलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। सामाजिक संतुलन तभी संभव है, जब कानून सभी के लिए समान हो।अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यूजीसी के छात्र-विरोधी और दमनकारी नियमों को तत्काल वापस लिया जाए, आईसी कानून में सभी जातियों के लिए समान दंड और समान कानूनी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं तथा फॉरवर्ड क्लास समाज और छात्रों पर हो रहे मानसिक, सामाजिक और कानूनी उत्पीड़न को तुरंत रोका जाए।बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि वह ब्राह्मण, ठाकुर, भूमिहार सहित सभी फॉरवर्ड क्लास और अन्य वर्गों के साथ न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी और आवश्यकता पड़ी तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।












