
परिन्दों के प्यास बुझाने हेतु युवा अजय चला रहे है पक्षी मित्र अभियान
बीआरएन बक्सर। सूरज प्रौढ होता जा रहा है । इसका आलम है कि तेज धूप और लू कहर ढाना शुरु कर चुका है । हमारे साथ साथ पशु पक्षियों को भी पानी की आवश्यकता अधिक होने लगी है। हम मनुष्य तो पानी एकत्रित करके रख लेते हैं लेकिन पशु पक्षियों को पानी की तलाश मे भटकना पड़ता है। यदि हम छोटा सा प्रयास कर अपने घर के आस-पास पशु पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था कर दे तो हर साल प्यास से मरने वाले पशु पक्षियों की संख्या में कमी आ जाएगी। इसी उद्देश्य के साथ युवाओं ने पक्षी मित्र अभियान शुरू किया है।
पक्षियों के प्यास की चिंता करते हुए डुमरांव अनुमंडल के युवाओं की टीम आगे आयी हैं। वे विभिन्न स्थानों पर पशुओं के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था में जुट गए हैं। टीम लीडर युवा अजय राय मानवता का परिचय देते हुए बेजुबान पशु- पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करते हुए “पक्षी मित्र अभियान” के तहत घर के छत के अलावे विभिन्न जगहों पर परिंदो के लिए मिट्टी के कटोरा में दाना और पानी रख मिशाल पेश कर रहे हैं। साथ ही ऐसा करने के लिए अन्य लोगो को भी प्रेरित कर रहे हैं।
युवा अजय राय का कहना है कि गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है। मनुष्य को प्यास लगती है तो वह कहीं भी मांग कर पी लेता है लेकिन मूक पशुओं पक्षियों को प्यास में तड़पना पड़ता है, हालांकि जब वे प्यासे होते हैं तो घरों के सामने दरवाजे पर आकर खड़े हो जाते हैं। कुछ लोग पानी पिला देते हैं तो कुछ लोग भगा भी देते हैं। इस गर्मी में पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए लोगों को प्रयास करना चाहिए, गर्मियों में कई परिंदों व पशुओं की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोगों का थोड़ा सा प्रयास घरों के आसपास उडऩे वाले परिंदों की प्यास बुझा कर उनकी जिंदगी बचा सकता है। सुबह आंखें खोलने के साथ ही घरों के आसपास विभिन्न पक्षियों की चहक सभी के मन को मोह लेती है। घरों के बाहर फुदकते रंग बिरंगे पंखों वाले परिन्दे बच्चों सहित बड़ों को भी अपनी और आकर्षित करते हैं। गर्मियों में घरों के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि लोग पक्षियों से प्रेम करें और उनका विशेष ख्याल रखें। गर्मी में अपने घरों के बाहर छतों पर पानी के बर्तन रखे और हो सके तो छतों पर पक्षियों के लिए छाया की व्यवस्था भी करें। गर्मी में तापमान से राहत मिलती है और शरीर में पानी की कमी नहीं होती। वहीं मवेशियों के लिए भी अपने घरों के सामने एक पात्र रखना चाहिए। जिसमें मवेशियों के पीने योग्य पानी रख देना चाहिए। घरों के बाहर पानी के बर्तन भर कर टांगे या बड़ा बर्तन अवश्य पानी भरकर रखें, जिससे मवेशियों व परिंदे पानी देखकर आकर्षित होते हैं। छत में भी पानी की व्यवस्था करें छायादार जगह बनाकर वहां पानी के बर्तन भरकर रखें। अजय राय के नेतृत्व मे चलाये जा रहे इस अभियान का लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
















