
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व दृढ़निश्चय से केदारनाथ धाम का हुआ जीर्णोद्धार:- अश्विनी चौबे
बीआरएन बक्सर
- पटना में केदारनाथ त्रासदी की 10वीं बरसी पर हुतात्माओ की याद में श्रद्धांजलि सह प्रार्थना सभा का हुआ आयोजन
- देश भर से केदारनाथ त्रासदी में असमय काल कलवित हुए हुतात्मा के परिजन ऑनलाइन जुड़े।
- बहुत जल्द बक्सर पहुचेंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनि चौबे
- बक्सर में पराक्रमी राम की विशाल प्रतिमा लगेगी:अश्विनि चौबे
- केदारनाथ त्रासदी में असमय काल कलवित हुए सभी हुतात्मायों के लिए देहरादून में उपवन बनाने का प्रस्ताव श्रद्धांजलि सभा में सर्वसहमति से पारित हुआ।
- आगामी सितम्बर में केदारनाथ मंदिर परिसर में सभी कलवित हुतात्मायों के शांति हेतु एक बड़ा घण्ट लगाया जाएगा।
- केदारनाथ, बद्रीनाथ, सहित बक्सर, भागलपुर, सहित देश विभिन्न राज्यों के मंदिरों के पुरोहित ऑनलाइन जुड़े।
- श्रद्धांजलि सभा में पद्मविभूषण जगतगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी एवं जगतगुरु श्री अनंताचार्य जी व स्वामी चिदानंद सरस्वती जी का सानिध्य प्राप्त हुआ।
बीआरएन बक्सर/ पटना । पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि 11 साल पहले केदारनाथ धाम पर आई भीषण त्रासदी में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों के लोगों ने अपने परिजनों को खोया था। जून का यह महीना उन सभी परिवारों के लिए काफी कष्टदायक होता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयास से और उनके दृढ़ निश्चय की वजह से केदारनाथ धाम का जीर्णोद्धार हुआ है। अन्य कई विकास की वहां परियोजनाएं चल रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं। वह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री चौबे पटना निज आवास पर अखिल भारतीय उत्तराखंड त्रासदी पीड़ित मंच द्वारा श्री केदारनाथ धाम में जून 2013 में आई आपदा में प्राण गवाने वालो की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सह प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे। वे त्रासदी को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जिस तरह की भीषण त्रासदी हुई थी लगता नहीं था कि फिर से यह केदारधाम अपने उस पुराने स्वरूप में लौटेगा। लेकिन प्रधानमंत्री श्री मोदी के निरंतर प्रयास और उनके नेतृत्व में जो वहां विकास हुआ है और वह सभी भारतीयों के लिए एक गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी लगातार वहां के विकास योजनाओं की खुद मॉनिटरिंग करते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने कहा कि बेहतर कल चाहिए तो पर्यावरण का संरक्षण करना होगा। केदारनाथ जैसी आपदा प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा है। श्रद्धांजलि सभा में सर्वसहमति से केदारनाथ के त्रासदी में कालकवलित हुए हुतात्मायों के याद के लिए उत्तराखंड के देहरादून में उपवन बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ।इस प्रस्ताव को लेकर अश्विनि चौबे प्रधानमंत्री से मिलकर इस प्रस्ताव को उनके समक्ष रखेंगे।
केदारनाथ व बद्रीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अमेन्द्र अजय से बातचीत कर यह निर्णय लिया गया है की इसी साल के आगामी सितम्बर में हुतात्मायों के शांति के लिए एक बड़ा घण्ट केदारनाथ मंदिर परिसर में लगाया जयेगा।ऑनलाइन श्रद्धांजलि सह प्रार्थना सभा का संचालन पटना से भाजपा नेता अर्जित चौबे ने किया। ऑनलाइन माध्यम से देशभर से बड़ी संख्या में केदारनाथ त्रासदी में काल कलवित हुए लोगों परिजनों ने अपनों को याद किया। केदारनाथ, बद्रीनाथ,बाबाधाम देवघर, बासुकीनाथ, सहित बक्सर से रामेश्वर नाथ, भागलपुर से बाबा बूढ़ानाथ सहित देश विभिन्न राज्यों के मंदिरों के पुरोहित ऑनलाइन जुड़े। सभी ने शांति पाठ की।
श्री चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बक्सर के रामेश्वर महादेव का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि बहुत जल्द मैं बक्सर पहुंचकर श्री राम कर्मभूमि न्यास की बैठक करूंगा जिसमें श्री राम कर्मभूमि न्यास द्वारा जो भी संकल्प लिया गया है उसको पूरा करने हेतु हम सभी मिलकर प्रयास करेंगे बक्सर में भगवान श्री राम के पराक्रमी राम की विशाल प्रतिमा लगनी है जिसको लेकर अहम बैठक की जाएगी।पदम विभूषण जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी,स्वामी अनंताचार्य जी, स्वामी चिदानंद सरस्वती जी का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सभी को मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ का विराट स्वरूप देश के सामने हैं। इसे सभी देशवासी प्रफुल्लित है। जगतगुरु स्वामी अनंताचार्य जी महाराज ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम त्रासदी को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि पर्यावरण के अनुकूल सभी आचरण करे। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि केदारनाथ त्रासदी भीषण थी। परिजनों को खोना काफी दुखद होता है। सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी नियमित रूप से कार्य करते रहना चाहिए। इस मौके पर देश के विभिन्न बिहार, दिल्ली,उत्तरप्रदेश, झारखंड उड़ीसा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड आदि राज्यों से बड़ी संख्या में रास्ते में प्राण गवाएं लोगों के परिजन उपस्थित थे। श्री केदारनाथ धाम से पंडित सुनील शुक्ला जी ने भगवान का दर्शन कराए। केदारनाथ, बद्रीनाथ, बाबा धाम देवघर, बासुकीनाथ, बक्सर व भागलपुर से क्रमशः रामेश्वरनाथ व बूढ़ानाथ मंदिर से पुरोहित जुड़े। सभा में ऑनलाइन माध्यम से श्रीराम कर्मभूमि न्यास के अध्यक्ष कृष्ण कांत ओझा, उपाध्यक्ष रामबालक प्रसाद, महासचिव अभिजीत कश्यप, परिजनों में से मुख्य रूप से अभिषेक ओझा, विकास कुमार अमित मिश्रा, चंदन तिवारी जुड़े ।धन्यवाद ज्ञापन विजेता राज ने की। परिवार के सदस्यों के रूप में नीता चौबे,अविरल चौबे, सुरभि चौबे, अतिशय चौबे, आकृष्ट चौबे ,आत्मिक चौबे आदि उपस्थित थे।
















