
किसान पुत्र रजनीकांत ने बीपीएससी में सफलता प्राप्त कर जिले का बढ़ाया मान..
दूसरे प्रयास में मिली सफलता, सीडीपीओ में चौथा तो रेवेन्यू ऑफिसर के लिए 75 वाँ स्थान किया हासिल
शुरू से ही थे मेधावी, 2015 के इंटरमीडिएट परीक्षा के स्टेट टॉप टेन लिस्ट में हासिल किया था पांचवां स्थान
राजीव कुमार पाण्डेय रामगढ़।बिहार लोक सेवा आयोग की 69 वीं सिविल सेवा परीक्षा में कैमूर जिले के मोहनियां प्रखंड स्थित सकरौली के होनहार छात्र रजनीकांत चौबे ने सफलता प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में सीडीपीओ के लिए राज्य में चौथा स्थान वही रेवेन्यू ऑफिसर के लिए राज्य में 75 वाँ स्थान हासिल किया है। उनकी इस सफलता से परिवार ही नहीं पूरे गांव व क्षेत्र में खुशी का माहौल है।रजनीकांत का परिवार गांव में रहता है।उनके पिता कन्हैया चौबे उर्फ घूरन चौबे एक उन्नत किसान हैं।जबकि माता कमलावती देवी गृहिणी हैं।चार भाइयों में मझले रजनीकांत ने 2015 इंटरमीडिएट की परीक्षा में स्टेट टॉप टेन में पांचवा स्थान हासिल कर पिता के नाम को गौरवान्वित किया था और इसी परीक्षा परिणाम ने इनको आगे बढ़ने की जुनून पैदा कर दी। इंटरमीडिएट के अच्छे परिणाम के बाद इन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए प्रवेश परीक्षा पास कर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में दाखिला लिया।जहां से 2018 में अच्छे अंकों के साथ राजनीतिशास्त्र विषय से स्नातक किया।इसके बाद वे बीपीएससी व यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। पिछले वर्ष साक्षात्कार तक पहुंचे थे लेकिन अंतिम रूप से चयनित नहीं हो सके। रजनीकांत ने अपनी सफलता का श्रेय पिता और बड़े भाई रंजन चौबे को दिया है। इन्होंने मीडिया को बताया कि वे घर पर रहकर ही अपनी परीक्षा की तैयारी पूरी किए हैं।बीच बीच में कभी कभार तैयारी से संबंधित कार्य हेतु दिल्ली आते – जाते रहे। बड़े भाई रंजन चौबे पिता के किसानी कार्य में सहयोगी हैं और छोटे भाई के पढ़ाई में सहायक हैं। भाई की सफलता से गदगद रंजन चौबे ने बताया कि उनके जीवन का सपना साकार हुआ है। उन्होंने भाई के शिक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दिया।

















