
पाँच साल संगठन के साथ रहना होगा: प्रत्याशियों को बक्सर कांग्रेस का संदेश
बीआरएन बक्सर। कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त, अनुशासित एवं जनसंघर्ष से जुड़ा बनाने के उद्देश्य से बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने की।
बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक मृणाल अनामय, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य, जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता, सक्रिय कार्यकर्ता तथा बक्सर जिले के सभी प्रखंड—बक्सर, चौसा, ब्रह्मपुर, इटाढ़ी, राजपुर, सिमरी, नवानगर, केसठ एवं चक्की—के प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने कहा कि कांग्रेस संगठन की वास्तविक मजबूती जिला या प्रदेश स्तर से नहीं, बल्कि प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर से तय होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रखंड कांग्रेस कमेटियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और जवाबदेह होगी। प्रत्येक प्रखंड अध्यक्ष को सक्रिय नेतृत्व देना होगा और केवल औपचारिक पद तक सीमित रहने की प्रवृत्ति से बाहर आना होगा।
डॉ. पांडे ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंड कांग्रेस कमेटियाँ अपने-अपने क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर सशक्त कार्यक्रम समितियों का गठन शीघ्र सुनिश्चित करें। ये समितियाँ पार्टी के कार्यक्रमों, आंदोलनों, जनसंवाद एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को नियमित रूप से जनता तक पहुँचाएँगी और पंचायत स्तर पर कांग्रेस की सक्रिय उपस्थिति बनाए रखेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रखंड अध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि वे पंचायत से बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ें, नियमित बैठकें आयोजित करें तथा संगठन की वास्तविक स्थिति से जिला कांग्रेस कमेटी को अवगत कराएँ। संगठन में निष्क्रियता, अनियमितता या उदासीनता अब स्वीकार्य नहीं होगी। डॉ. पांडे ने बताया कि जिला एवं प्रखंड कांग्रेस कमेटियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया संगठन को अधिक धारदार और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि जमीनी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे आने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष किया है और यह संघर्ष आने वाले समय में और व्यापक रूप लेगा। किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धान का उचित मूल्य न मिलना एक गंभीर मुद्दा है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी शीघ्र ही जिलाधिकारी से मिलकर प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से अपनी मांग मजबूती से रखेगी।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी प्रखंडों का सघन दौरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, पंचायत स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली एवं जनसमस्याओं का प्रत्यक्ष आकलन किया जाएगा।
इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक मृणाल अनामय का जिला कांग्रेस कार्यालय में अंगवस्त्र एवं फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर सक्रिय संगठन अनिवार्य है और सभी कार्यकर्ताओं को निरंतर सक्रिय रहकर संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभानी होंगी।
जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल चुनावी समय में सक्रिय रहने वाली पार्टी नहीं है। जो भी साथी स्वयं को प्रत्याशी या भावी दावेदार मानते हैं, उनसे अपेक्षा है कि वे पूरे पाँच वर्षों तक संगठनात्मक कार्यों, जनसंवाद और आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। केवल पोस्टर, बैनर या नाम प्रकाशित कराने से नेतृत्व स्थापित नहीं होता; नेतृत्व निरंतर कार्य, अनुशासन और समर्पण से बनता है।
बैठक में मुख्य रूप से संजय कुमार पांडेय, संजय कुमार दुबे, राजा रमन पांडे, अजय ओझा, कमल पाठक, श्रीमती निर्मला देवी, वीरेंद्र राम, पिंकी खातून, नजमा बेगम, शबनम बेगम, रूनी बेगम, त्रिजोगी नारायण मिश्रा, कृष्णकांत दुबे, राजू रंजन वर्मा, रविंद्र राय सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और अपने विचार रखे।

















