लापरवाह थानेदार ,हाजत से आशिक कैदी रफ्फूचक्कर !
बीआरएन बक्सर। नगर थाना की हाजत अब कैदियों के लिए नहीं, बल्कि फरारी का सुरक्षित रास्ता बनती जा रही है। सोमवार की सुबह एक बार फिर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई, जब हाजत में बंद एक युवक दीवार फांदकर फरार हो गया। फरार युवक की पहचान खलासी मोहल्ला निवासी फरहान के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फरार युवक की तलाश के लिए शहर में छापेमारी शुरू की गई, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर थाना परिसर के भीतर से कोई आरोपी इतनी आसानी से कैसे भाग निकलता है? मिली जानकारी के अनुसार फरहान का एक युवती से प्रेम-प्रसंग था। दोनों घर से फरार हो गए थे, जिसके बाद युवती के परिजनों ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को पंजाब के लुधियाना से बरामद कर रविवार की शाम बक्सर लाया। युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि फरहान को हाजत में बंद किया गया था।लेकिन सोमवार की सुबह उसने पुलिस को चकमा दिया और हाजत की दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना की भनक लगते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस हरकत में आई, मगर तब तक आरोपी आंखों से ओझल हो चुका था।
**छह महीने, तीन फरारियां**
यह पहला मामला नहीं है। नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के कार्यकाल में यह तीसरी घटना है।5 जून को कुर्बान अंसारी हाजत से फरार हुआ था, जिसे लगभग एक महीने बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में आरोपी युवक शौचालय जाने के बहाने पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था।
जांच फाइलों में, कार्रवाई शून्य
चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीनों मामलों में अब तक किसी भी पुलिसकर्मी पर न तो गाज गिरी और न ही जिम्मेदारी तय की गई। जांच की बातें जरूर हुईं, लेकिन नतीजा आज तक शून्य है।लगातार हो रही फरारियों ने नगर थाना की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस बार भी मामला फाइलों में दफन होता है या वाकई किसी पर कार्रवाई होती है।














