
मनीष चौबे ने यूपीएससी ईपीएफओ परीक्षा में मारी बाजी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में बने सहायक लेखा अधिकारी
पहले ही प्रयास में लहराया सफलता का परचम
राजीव कुमार पाण्डेय (रामगढ़)।मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।किसी शायर की यह लाइनें बहुत लोगों ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन सुल्तानपुर गांव के मनीष चौबे ने इसे खूब ठीक से समझा है और साबित कर दिया है कि हौसले के दम पर आसमां भी हासिल हो सकता है। दृढ़ संकल्प और हौसलों की मिसाल बने मनीष ने यूपीएससी ईपीएफओ की परीक्षा में बाजी मारी है।उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में सीनियर एसएसए की सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी बनाया गया है।इसकी जानकारी मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।मनीष रामगढ़ प्रखंड क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी शंभू चौबे व सीता देवी के पुत्र हैं।पिता प्रज्ञा निकेतन स्कूल सासाराम (रोहतास) में शिक्षक हैं।इनके सफलता के पिछे माता- पिता व परिजनों का सहयोग रहा है। अब मनीष भारत सरकार के श्रम व रोजगार मंत्रालय के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में सहायक लेखा अधिकारी के पद पर कार्य करेंगे।मनीष के चाचा सच्चिदानंद चौबे ने बताया कि मनीष ने पहले ही प्रयास में यह सफलता अर्जित की है।स्कूल के समय से ही होनहार विद्यार्थी रहे हैं।अपनी कक्षा में प्रथम आते रहे।उसके बाद दिल्ली में रहकर कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।चाचा ने बताया कि उनके भतीजा का अगला लक्ष्य यूपीएससी की परीक्षा के माध्यम से आईएएस के एग्जाम को पास करना है।बता दें कि मनीष के परिवार के बड़े पापा राजीव चौबे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व कमल नयन चौबे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी (डीजीपी) के पद से सेवा निवृत हो गए हैं।कहीं न कहीं मनीष को आगे बढ़ने की प्रेरणा बड़े पिताओं से मिली।वहीं बधाई देने वालों में सांसद सुधाकर सिंह,कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी परशुराम तिवारी, पैक्स अध्यक्ष नीरज चौबे,समाजसेवी नीरज पाण्डेय,पैक्स अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह,अनिमेष हर्षवर्धन उर्फ विपुल तिवारी आदि शामिल हैं।














