
निरीक्षण के दौरान दो घंटे तक आंगनवाड़ी के बच्चों को कराएं शैक्षिक गतिविधियां
बाल विकास परियोजना के सभी पदाधिकारियों एवं पर्यवेक्षिकाओं को डीएम का निर्देश
पोषण ट्रैकर ऐप में 90 फीसदी से कम ग्रोथ वाले केंद्रों के संबंधित प्रखंड के प्रखंड समन्वयक एवं महिला पर्यवेक्षिका पर होगी कार्रवाई
राजीव कुमार पाण्डेय (भभुआ)।समाहरणालय परिसर स्थित जिलाधिकारी कक्ष में मंगलवार को डीएम सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के संग बैठक की गई।इस दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिका प्रत्येक दिन कम से कम दो आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के क्रम में स्वयं द्वारा बालवाड़ी संचालन की गतिविधियां जैसे बच्चों को गिनती अंक ज्ञान ,अक्षर ज्ञान ,कविता पाठ ,कहानी आदि संचालित करेंगी। साथ ही केंद्रों पर सेविका/ सहायिका के माध्यम से साफ- सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी।वहीं भीषण गर्मी के मद्देनजर डीएम द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी केदो पर पेयजल हेतु घड़ा ग्लास एवं एक छोटा टेबल फैन भी सेविका आवश्यक रूप से रखना सुनिश्चित करेंगी।इसके अलावा डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर सभी केंद्रों पर लू से बचाव हेतु आवश्यक कदम उठाते हुए ओआरएस का पैकेट प्रत्येक केंद्र पर रखना आवश्यक है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार के चार्ट ,पोस्टर, बैनर एवं बोर्ड तथा मेनू चार्ट आवश्यक रूप से संधारित कर रखने का निर्देश दिया गया। केंद्रों पर सभी तरह के पंजियों यथा टीकाकरण पंजी ,वजन पंजी ,गृह भ्रमण पंजी रेफरल पंजी, एमकेयूआई एवं पीएमयूवाई पंजी , टीएचआर पंजी को संधारित करने का निर्देश दिया।बैठक में आगे डीएम ने कहा कि यदि डीबीटी के माध्यम से विभाग द्वारा पोशाक की राशि अभिभावकों के खाते में हस्तांतरित की जाती है तो आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पोशाक में उपस्थित होना अनिवार्य है।इसके लिए सभी महिला पर्यवेक्षिका आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क कर पोशाक क्रय कराना सुनिश्चित करेंगी।आगे टीएचआर वितरण के संबंध में डीएम ने कहा कि इसका वास्तविक लाभ वंचित वर्ग को मिलना चाहिए। पोषण ट्रैकर ऐप की समीक्षा के क्रम में डीएम द्वारा 90 प्रतिशत से कम ग्रोथ मॉनिटरिंग वाले परियोजनाओं को चिन्हित कर संबंधित प्रखंड के प्रखंड समन्वयक एवं महिला पर्यवेक्षिका पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा काफी असंतोष व्यक्त किया गया ।उनके द्वारा कहा गया कि वित्तीय वर्ष 24 – 25 के 3 माह बीत जाने पर भी इन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं होना कर्तव्य हीन कार्यशैली को दर्शाता है। डीएम द्वारा इन योजनाओं की प्रगति पर दो सप्ताह के अंदर अपेक्षित सुधार लाने को लेकर सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया।











