
बक्सर के किला मैदान में इस बार खास होगा रावण दहन, दस सिरों और मुकुट से निकलेगी आग की फुहार
बीआरएन बक्सर। विजयादशमी के अवसर पर बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान में होने वाला रावण दहन इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। रावण के पुतले में विशेष आतिशबाजी की व्यवस्था की गई है। इसके तहत रावण के दस सिरों और मुकुट से करीब एक मिनट तक फुलझड़ी जैसी आग की फुहार निकलेगी। इसके बाद रंगीन धुएं का मनमोहक नजारा देखने को मिलेगा। पुतलों में इस तरह की विशेष आतिशबाजी की व्यवस्था पहली बार की जा रही है, जिससे विजयादशमी का आयोजन और भी आकर्षक होने की उम्मीद है।
पुतला निर्माण में जुटे बक्सर के मिश्रवलिया निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि रावण के दस सिरों और मुकुट से कोल्ड फायर का प्रदर्शन किया जाएगा। रावण के हाथ में धनुष-बाण रहेगा। उसे पैजामा और घाघरा नुमा कुर्ता पहनाया गया है। जितेंद्र शर्मा अपने परिवार के साथ पुतलों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। वह पिछले छह वर्षों से रावण के पुतले बना रहे हैं। यह उनका शौक है, जबकि उनका मुख्य पेशा एसी की मरम्मत करना है।
पिछले साल की तुलना में पांच-पांच फीट छोटे होंगे पुतले
किला मैदान में इस बार रावण और मेघनाथ के पुतलों की ऊंचाई पिछले वर्ष के मुकाबले पांच-पांच फीट कम रखी गई है। पिछले साल 50 फीट ऊंचे रावण और 45 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया था। इस बार रावण 45 फीट और मेघनाथ 40 फीट ऊंचा होगा। जितेंद्र शर्मा के अनुसार, किला मैदान में विशाल पुतलों को खड़ा करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार क्रेन की उपलब्धता नहीं होने से पुतलों को सीधा खड़ा करने में परेशानी आती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस बार ऊंचाई कम करने का निर्णय लिया गया है, ताकि पुतलों को आसानी से खड़ा किया जा सके और दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बक्सर सहित कई स्थानों के लिए बनाए गए छह पुतलेजितेंद्र कुमार शर्मा को इस वर्ष कुल पांच रावण और एक मेघनाथ के पुतले बनाने का ऑर्डर मिला था। बक्सर के किला मैदान के अलावा चौसा, चुन्नी, अखौरीपुर गोला, मिश्रवलिया और बारे सहित विभिन्न स्थानों के लिए पुतले तैयार किए गए हैं।किला मैदान के लिए 45 फीट ऊंचा रावण और 40 फीट ऊंचा मेघनाथ बनाया गया है। वहीं, अन्य स्थानों के लिए करीब 35 फीट तक ऊंचे रावण के पुतले तैयार किए गए हैं।सभी पुतलों का निर्माण पूरा हो चुका है। अब इन्हें निर्धारित समय पर संबंधित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए चार ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा।इस बार किला मैदान में रावण के दस सिरों और मुकुट से निकलने वाली आग की फुहार तथा रंगीन धुएं का विशेष प्रदर्शन विजयादशमी के उत्सव को नया आकर्षण देगा। पारंपरिक रावण दहन के साथ आधुनिक आतिशबाजी का यह अनूठा संयोजन दर्शकों के लिए खास अनुभव बनने की उम्मीद है।













