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शिव गुरु ही बना सकते हैं, मानव जीवन को सार्थक- प्रोफेसर रामेश्वर

बीआरएन न्यूज, बक्सर:

शिव गुरु ही मानव जीवन को सार्थक बना सकते हैं उक्त बातें रविवार को शिव शिष्य परिवार के तत्वावधान में आयोजित आस्था रखें, अंधविश्वास नही कार्यक्रम में शिव शिष्य प्रोफेसर रामेश्वर जी द्वारा कही गई। कार्यक्रम का आयोजन धनसोई बाजार के हरिनारायण साह भुनेश्वर जनता महाविद्यालय के प्रांगण में किया गया था। इस दौरान शिव शिष्य सह प्रोफेसर ने कहा कि अगर इस संसार के लोग उन्हें शिष्य बन कर गुरु भाव दे तो पूरे जगत का कल्याण हो सकता हैं। ऐसे तो प्राचीन काल से ही दुनिया में अंधविश्वास व्याप्त रहा है, अंधविश्वास एक तर्कहीन विश्वास है। अंधविश्वास की चंगुल में अशिक्षित, निम्न आय वर्ग के लोग ही नहीं कभी कभी पढ़े-लिखे उच्च वर्ग के लोग भी आ जाते हैं। जिससे मानसिक, आर्थिक और आध्यात्मिक शोषण के साथ सामाजिक विकास में बाधक हो जाता है।

तत्पश्चात भागलपुर जिले से आए शिव शिष्य राम नारायण शर्मा ने कहा की इस कालखंड के प्रथम शिष्य साहब हरीन्द्रानन्द जी के द्वारा शिव शिष्य होने में सहायक तीन सूत्रों की विशद व्याख्या की गई है, उन्होंने हरीन्द्रानन्द जी द्वारा लिखित पुस्तक आओ, चलें शिव की ओर तथा अनीता आनंद एवं पंकज जीत सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक अनमिल आखर पर अध्यात्म के क्षेत्र में उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। वही शिव शिष्य सतीश जी, सरजू पासवान जी, मार्कण्डेय जी, विजय नारायण सिंह, अशोक साह, रंजन प्रसाद, कृष्णा केशरी द्वारा शिव गुरु और उनकी शिष्यता के विषय पर बारी बारी से रखा गया। तपश्चात मौके पर उपस्थित गुरु भाई बहनों द्वारा प्रस्तुत शिव गुरु संबंधी भजन से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा, इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शिव को अपना गुरु मानकर अपने नाम की घोषणा करवाई। वही मंच संचालन अजय चौबे एवं गोपाल पासवान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

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