
बक्सर के किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा, कृषि ऋण माफी और मुफ्त बीज-खाद दे सरकार :- डॉ. मनोज पांडेय
चक्रवाती तूफान एवं बेमौसम बारिश से धान सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान, मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन से तत्काल राहत की मांग
बीआरएन बक्सर। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने जिले में चक्रवाती तूफान एवं बेमौसम भारी बारिश से किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं जिला प्रशासन से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने तथा उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
डॉ. पांडेय ने कहा कि हाल ही में आए भीषण चक्रवाती तूफान और बेमौसम बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार धान सहित अन्य खड़ी फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इसी अवधि में प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। किसान अभी पिछले नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे कि इस वर्ष फिर प्रकृति की मार ने उन्हें गंभीर संकट में डाल दिया है।उन्होंने कहा कि अन्नदाता दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है, लेकिन आज वही किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से जूझने को मजबूर है। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, बेटियों की शादी और कृषि ऋण चुकाने जैसी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
प्रभावित किसानों के लिए रखीं छह प्रमुख मांगें
डॉ. पांडेय ने सरकार से मांग की कि बक्सर जिले के सभी प्रभावित गांवों, पंचायतों एवं टोलों में कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित कर फसल क्षति का निष्पक्ष एवं पारदर्शी सर्वेक्षण कराया जाए। प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ करने, अगली फसल की बुवाई के लिए मुफ्त बीज एवं खाद उपलब्ध कराने तथा आवश्यक कृषि उपकरणों के लिए सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद राहत राशि बिना किसी अनावश्यक देरी के किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए।उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों के दावों का त्वरित निपटारा करने और अन्य सरकारी राहत योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. पांडेय ने कहा कि किसानों को केवल आश्वासन देने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार और जिला प्रशासन को धरातल पर उतरकर वास्तविक क्षति का आकलन करना होगा तथा प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी होगी।
उन्होंने कहा कि यह महज फसल का नुकसान नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, सम्मान और उनके परिवारों के भविष्य पर गहरी चोट है। ऐसे कठिन समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पूरी संवेदनशीलता के साथ अन्नदाताओं के साथ खड़ी हो।अंत में डॉ. मनोज पांडेय ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं जिला प्रशासन से प्राकृतिक आपदा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करने की पुरजोर मांग की।















